👍कहते है- शख़्स बनकर नही-शख़्सियत बनकर जीओ-शख़्स तो एक दिन विदा हो जाता है- मगर शख़्सियत हमेशा हमेशा ज़िंदा रहती है👍ओर इसी मुहावरे पर आज भारत के बच्चे बच्चे को गर्व है कि इस महापुरुष के जो भी सपने अधूरे थे- उन सपनों को पूरा करने का काम गुजरात के दो महापुरुष कर रहे है जिनका नाम स्वर्ण अक्षरों मे लिखा जायेगा ओर नया भारत बनने का संकल्प पूरा होने जा रहा है- हम सभी देशवासियों को सुबह उठकर भगवान से यही मंगलकामना करना है कि यह दोनो दीर्घायु हो व हमेशा स्वस्थ व निरोग रहे👍