Sawai Madhopur - धार्मिक

चौथ का बरवाड़ा सवाई माधोपुर आज चौथ माता मंदिर पर भक्तों की काफी भीड़ रही जिसमें दूरदराज से आने वाले माता के भक्तों ने मंदिर में जा कर मनौती मांगी बारिश की कामना की गई सुबह से ही चौथ माता मंदिर में काफी यात्रियों का आना-जाना शुरू हो गया था ऐसी स्थिति में भीड़ को नियंत्रण करने के लिए चौथ माता ट्रस्ट ने जगह-जगह सुरक्षा गार्ड लगाए गए हैं वह कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है

बेकार हुआ लाखों का बारदाना कर्मचारी अधिकारी कर रहे हैं अनदेखी चौथ का बरवाड़ा सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा कस्बे में स्थित कृषि उपज मंडी में लाखों रुपए का बारदाना क्रय विक्रय सहकारी समिति के अधिकारियों कर्मचारियों की अनदेखी के कारण बेकार हो रहा है गौरतलब है कि राजफेड द्वारा अभी हाल ही में समर्थन मूल्य कांटा चालू कर किसानों की उपज तोड़ी गई थी इसी दौरान राजफेड द्वारा किसानों की उपज रखने के लिए बारदाना की व्यवस्था की गई थी लेकिन समर्थन मूल्य कांटा बंद होने के बाद बचे हुए बारदाने की जिम्मेदारी अधिकारियों कर्मचारियों की रखरखाव की होती है लेकिन अधिकारी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह फेरते हुए बारदाने को खुले में रख दिया गया है जिससे बारिश होने के कारण बारदाना बेकार हो चुका है

2.के,आर देवता के दुसरा भजन अरे मेरा डिया कुछ बुद्धि द गजानंद यात्रा आगी

13 भक्तो को चढ़ गया रंग गणपति थारा नाम का 2019/05/06 एल संजय सुमन एल

घुश्मेश्वर महादेव के मदिर में मनाया जा रहा है श्रावण महोत्सव सवाई माधोपुर  के शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव को देश के 12 ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाता है। सावन महोत्सव के दौरान 1 माह तक देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और घुश्मेश्वर मंदिर में अपनी हाजिरी लगाकर अपनी मनौती मांगते हैं । सावन महोत्सव के शुभारंभ होने से पूर्व मंदिर ट्रस्ट द्वारा समुचित तैयारियों को भी यहां अंजाम दिया जा चुका है। आज से सवाई माधोपुर के शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर में श्रावण महोत्सव की विधिवत रूप से शुरुआत होगी । श्रावण महोत्सव के दौरान 1 माह तक मंदिर ट्रस्ट की ओर से धार्मिक आयोजन किए जाएंगे । हजारों की तादाद में श्रद्धालु घुश्मेश्वर मंदिर पहुंचेंगे। वहीं यह क्रम अभी से शुरु हो गया है । इस मंदिर का इतिहास भी अपने आप में बेहद अद्भुत है। घुश्मेश्वर मंदिर के इतिहास की बात की जाए तो देव गिरी पर्वत के पास सुधर्मा नामक ब्राह्मण रहा करते थे। उनकी पत्नी थी सुधर्मा। लेकिन संतान सुख से वंचित रहने के कारण उन्हें लोगों के व्यंग्य बाण सुनने पड़ते थे । इससे व्यथित होकर सुधर्मा ने अपनी छोटी बहन सुषमा का विवाह करवाया। सुषमा भगवान शंकर की अनन्य भक्त थी। कुछ समय पश्चात घोषणा को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई ।लेकिन सुधर्मा को लगा कि पुत्र मोह के कारण उस का बहन के प्रति प्रेम कम होता जा रहा है तब सुधर्मा ने पुत्र की हत्या कर शव सरोवर में फेंक दिया ।रक्तरंजित सैया को देखकर जब पुत्र वधू ने सास को बताया तो शिव की तपस्या की और आकाशवाणी से पता लगा कि वह उस ने ही हत्या की है। भगवान शिव ने सुधर्मा को खत्म करने की बात की तो सुषमा ने कहा कि नहीं प्रभु आप केवल उसकी बुद्धि सही कर दें। इस पर भगवान प्रसन्न हुए और कहा कि आज से मैं तुम्हारे नाम से इसी स्थान पर बात करूंगा और लोगों की सेवा करूंगा।

मारवाड़ी देसी भजन सवाई सुथार माकड़ भालिखाल

चौथ का बरवाड़ा में चल रहे गलीचा उद्योग अब बंद होने के कगार पर है। गलीचा बनाने वाले कारीगरों को समय पर काम नहीं मिल पाता । और ना ही पर्याप्त मजदूरी मिल पाती है। जिसके चलते गलीचा उद्योग कस्बे में बंद होने के कगार पर है । गलीचा उद्योग पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है।

सवाई माधोपुर उपखंड मुख्यालय बौंली पर चोर गिरोह की सक्रियता विधायक काॅलोनी के दो मंदिरो को बनाया निशा

घुश्मेश्वर मंदिर का इतिहास घुश्मेश्वर मंदिर का इतिहास अपने आप में बेहद अद्भुत है। यह मंदिर 900 वर्ष पुराना बताया जाता है। यहां मंदिर में स्थापित शिवलिंग सकते हैं बताया जाता है कि घोषणा की तपस्या से शिव का प्राकट्य होना पाया गया। इस शिवलिंग को पाताल से जुड़ा हुआ माना जाता है। वेदों और उपनिषदों में भी शिवाड घुश्मेश्वर का बखान वर्णित है ।बताया जाता है कि आदिकाल से मंदिर का इतिहास है महर्षि वेदव्यास ने भी उपनिषद में इस मंदिर का वर्णन किया है ।इस मंदिर में देव गिरी पर्वत भी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है ।पहाड़ पर स्थित देवी मंदिर को मंदिर ट्रस्ट ने विकसित कर विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया है। विभिन्न देवी-देवताओं की बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं देव गिरी पर्वत पर स्थापित की है । मंदिर के प्रति लोगों की विशेष आस्था से जुड़ी हुई है। सालभर मंदिर पर विभिन्न आयोजन होते हैं लेकिन स्वर्ण महोत्सव के दौरान विशेष रूप से मंदिर ट्रस्ट द्वारा धार्मिक आयोजन 1 माह तक करवाए जाते हैं ।घुश्मेश्वर महादेव मंदिर के बारे में लोगों का मानना है कि जिस किसी ने सच्चे मन से भगवान शिव के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई फिर उसकी झोली मुरादों से कभी खाली नहीं रही।

06 दुनिया से हारा तो में आया तेरे द्वार 07-05-2019 l कमलेश जायसवाल l

#kamlesh_sinoli_new_song_2019///कमलेश सिनोली न्यू सॉन्ग 2019 latest meena गीत

त्रिनेत्र गजानंद जी भक्ता के मन बसग्यो # तारा देवी जायसवाल # त्रिनेत्र गजानंद जी भक्त ke आदमी basgyo

08 ना थी मेरी किस्मत इतना दिया हे 2019/07/05 एल अनिल शर्मा एल