Sawai Madhopur - ज्ञान विज्ञान

आज पार्थ फार्मर्स प्रोड्यूसर कपंनी की साधारण सभा की बैठक में आयोजन मीना धर्मशाला में हुआ। जिसमे मध्य प्रदेश, जयपुर, लालसोट के अन्य फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्टर और सी ई ओ ने भाग लिया, साथ चौथ के बरवाड़ा के 28 गाँवो के किसानों ने भी शिरकत ली । कंपनी के शेयर धारक ही कंपनी के असली मालिक होते है, कंपनी के पास सभी तरह के कार्य करने का अधिकार है, वह किसानों के हित में कार्य कर सकती है। यह बात जमवा रामगढ़ फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्टर ने कही। पार्थ फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के चैयरमेन पप्पूलाल मीना ने बताया कि किसानों की उपज को एकत्रित कर बेचने का कार्य सिर्फ फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से ही किया जा सकता है। गत वर्ष कंपनी ने सरसों, चना, गेँहू, अमरुद, खल आदि का कार्य किया था और किसानों को लाभ देने की कोशिश की है। उन्होंने कंपनी का हिसाब किताब पेश किया और ज्यादा से ज्यादा किसानों को कंपनी में जोड़ने का लक्ष्य रखा। बैठक में मध्य प्रदेश से आये अवंतिका आत्म निर्भर फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्टर ने बताया किसानों की कंपनी में किसान स्वयं मालिक है और स्वयं मजदूर है, और उतार चढ़ाव आते है तभी आगे बढ़ते है, आज हमारी कंपनी करोडो का व्यापार कर रही है। और 20 लाख की जमीन भी खरीदी है जँहा पर प्रोसेसिंग यूनिट खोलेंगे। कटवा किसान जैविक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, लालसोट से पारीख जी ने बताया कि किसान अपनी उपज का अपने हिसाब से सिर्फ प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से ही प्राप्त कर सकता है, उन्होंने बताया कि संगठन में ही शाक्ति है। रिलायंस फाउंडेशन के राज्य प्रभारी ने बताया कि आप के जितने ज्यादा शेयर बढ़ेंगे उतने ही ज्यादा आप को फायदा होगा। साधारण सभा की बैठक में लगभग 400 किसानों ने भाग लिया

कलेक्टर डॉ एस पी सिंह पहुंचे लहसोडा पंचायत के सेवती कला गांव। सेवती कला गांव के चारो ओर चंबल के पानी की आवक होने से उन्होंने ग्रामीणों को सुरक्षित दूसरे स्थानों पर जाने के दिए निर्देश। एसडीआरएफ की टीम पहुंची मोके पर।

सवाई माधोपुर किसान नेता गांव गांव जाकर किसानों से हजारों की संख्या में किसान महासभा बोली में पधारने

सवाई माधोपुर की पावन धरती पर कमलेश और दिलखुश खाट के बीच घमासान युद्ध

जिला प्रभारी सचिव श्रेया गुहा सवाई माधोपुर के हालातों का जायजा लेने पहुंची क्या कहा इन्होंने सुनिए खिड़की एप पर

चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में अवैध खनन जोरों पर है ऐसे में बलरिया रोड पर अवैध खनन करती जेसीबी ऐसे में राज्य सरकार द्वारा लाखों रुपए की चपत लगा रहे हैं अवैध खनन करने वाले खनन माफिया के हौसले बुलंद दिनदहाड़े लूट रहे हैं मिट्टी महंगे बागों में बेच रहे हैं मिट्टी प्रशासन आंख मीच के बैठा हुआ है ऐसे में चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय में धड़ल्ले से हो रहा है अवैध खनन

चौथ का बरवाड़ा सवाई माधोपुर भारी बारिश के चलते किसानों के दिनों पर फिरे अपने क्षेत्र में उड़द मूंग की फसल बाजरे की पर्स ले पूर्ण तरह से खराब हो चुकी है जिसमें अभी तक राज्य सरकार द्वारा खराब हुई फसलों की गिरदावरी की शुरुआत नहीं की गई है ऐसे में किसान बहुत परेशान है किसानों के सामने आर्थिक संकट खराब होता जा रहा है ऐसे में एक किसान अपने खेत पर बेकार पड़ी उड़द की फसल को देखता हुआ

हिंदी दिवस विशेष विद्यालयों में हिंदी दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हिंदी हमारी राजभाषा है। इसके विकास के लिए देश में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जाते हैं। इसी को लेकर 14 सितंबर को पूरे देश में हिंदी दिवस मनाया जाता है। इतना ही नहीं विश्‍व स्‍तर पर भी इसको दर्जा दिलाए जाने की कवायद जारी है। जहां देश में  हिंदी दिवस  14 सितंबर को मनाया जाता है, वहीं पूरी दुनिया में विश्‍व हिंदी दिवस 10 जनवरी को होता है। इस अवसर पर क्षेत्र के विद्यालयों में निबंध, भाषण तथा चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। हिंदी दिवस का इतिहास और महत्व भारत कई भाषाओं और संस्‍कृतियों का देश है। इस वजह से हिंदी को एक मुख्य भाषा के रूप में लिया गया है। 1918 में राष्‍ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए घोषणा की थी। फिर भारत आजाद होने के बाद 14 सितंबर 1949 को हिंदी को देश की मातृभाषा घोषित कर दिया गया। उसके बाद यही निर्णय लिया गया कि इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जिसके तहत हिंदी का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। भारतीय संविधान के अध्याय 17 के अनुसार, यह लिखा गया है कि हर राज्य की राज्यभाषा हिंदी होगी और लिपि देवनागरी होगी। देश में पहला आधिकारिक हिन्दी दिवस 14 सितंबर 1953 में मनाया गया था। वहीं, दुनिया में इसे पहचान दिलाने के लिए 10 जनवरी 1975 को नागपुर महाराष्ट्र में विश्व हिंदी दिवस मनाया गया था। इसके बाद से विदेशों में 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

बनास नदी में भयंकर उफान...डिडायच रपट पूरी डूबी

जख्मी सॉन्ग रिंकू धनौली की आवाज़ में

राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना नई दिल्ली: मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं पश्चिम मध्य प्रदेश और गुजरात क्षेत्र में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, कोंकण, गोवा और सिक्किम में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया है. मौसम विभाग के अनुसार मुंबई के कुछ इलाकों में आज हल्की बारिश के आसार हैं. हालांकि दिल्ली एनसीआर में मौसम शुष्क बना रहेगा और लोगों को उमस और गर्मी से परेशानी झेलनी पड़ेगी. एक निम्न दबाव का क्षेत्र दक्षिणी पूर्वी उत्तर प्रदेश पर देखा जा रहा है. इसके चलते छत्तीसगढ़ और आंतरिक महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है.